220+ Dua Shayari in Hindi | सलामती की दुआ शायरी 2025
दुआ वो रिश्ता है जो सीधे दिल से खुदा तक पहुँचता है। जब लफ़्ज़ कम पड़ जाते हैं और हालात जवाब दे जाते हैं, तब एक सच्ची दुआ सब कुछ बदल सकती है। Dua Shayari In Hindi इन अनकहे जज़्बातों को खूबसूरत अल्फ़ाज़ों में पिरोती है, जो किसी के लिए दिल से निकली हुई नेकी, मोहब्बत या खैरियत की दुआ हो सकती है। इस लेख में हम आपके लिए लाए हैं कुछ बेहद खास शायरियां, जो न सिर्फ पढ़ने में सुकून देंगी, बल्कि आपको किसी अपने के लिए दुआ करने पर मजबूर भी कर देंगी।
Dua Shayari in Hindi
हया नहीं है ज़माने की आँख में बाक़ी
ख़ुदा करे कि जवानी तिरी रहे बे-दाग़
जाते हो ख़ुदा-हाफ़िज़ हाँ इतनी गुज़ारिश है
जब याद हम आ जाएँ मिलने की दुआ करना
दुआ को हात उठाते हुए लरज़ता हूँ
कभी दुआ नहीं माँगी थी माँ के होते हुए

अभी राह में कई मोड़ हैं कोई आएगा कोई जाएगा
तुम्हें जिस ने दिल से भुला दिया उसे भूलने की दुआ करो
औरों की बुराई को न देखूँ वो नज़र दे
हाँ अपनी बुराई को परखने का हुनर दे
होती नहीं क़ुबूल दुआ तर्क-ए-इश्क़ की
दिल चाहता न हो तो ज़बाँ में असर कहाँ
कोई चारह नहीं दुआ के सिवा
कोई सुनता नहीं ख़ुदा के सिवा
माँग लूँ तुझ से तुझी को कि सभी कुछ मिल जाए
सौ सवालों से यही एक सवाल अच्छा है
हज़ार बार जो माँगा करो तो क्या हासिल
दुआ वही है जो दिल से कभी निकलती है
माँगा करेंगे अब से दुआ हिज्र-ए-यार की
आख़िर तो दुश्मनी है असर को दुआ के साथ
दुआएँ याद करा दी गई थीं बचपन में
सो ज़ख़्म खाते रहे और दुआ दिए गए हम
आख़िर दुआ करें भी तो किस मुद्दआ के साथ
कैसे ज़मीं की बात कहें आसमाँ से हम
माँगी थी एक बार दुआ हम ने मौत की
शर्मिंदा आज तक हैं मियाँ ज़िंदगी से हम
तुम सलामत रहो क़यामत तक
और क़यामत कभी न आए ‘शाद’
जब भी कश्ती मिरी सैलाब में आ जाती है
माँ दुआ करती हुई ख़्वाब में आ जाती है
मरज़-ए-इश्क़ जिसे हो उसे क्या याद रहे
न दवा याद रहे और न दुआ याद रहे
मुझे ज़िंदगी की दुआ देने वाले
हँसी आ रही है तिरी सादगी पर
Bhai Ke Liye Dua Shayari
मैं क्या करूँ मिरे क़ातिल न चाहने पर भी
तिरे लिए मिरे दिल से दुआ निकलती है
दुआ करो कि मैं उस के लिए दुआ हो जाऊँ
वो एक शख़्स जो दिल को दुआ सा लगता है

दूर रहती हैं सदा उन से बलाएँ साहिल
अपने माँ बाप की जो रोज़ दुआ लेते हैं
क्यूँ माँग रहे हो किसी बारिश की दुआएँ
तुम अपने शिकस्ता दर-ओ-दीवार तो देखो
वो बड़ा रहीम ओ करीम है मुझे ये सिफ़त भी अता करे
तुझे भूलने की दुआ करूँ तो मिरी दुआ में असर न हो
मैं ज़िंदगी की दुआ माँगने लगा हूँ बहुत
जो हो सके तो दुआओं को बे-असर कर दे
जब लगें ज़ख़्म तो क़ातिल को दुआ दी जाए
है यही रस्म तो ये रस्म उठा दी जाए
इस लिए चल न सका कोई भी ख़ंजर मुझ पर
मेरी शह-रग पे मिरी माँ की दुआ रक्खी थी
मैं ने दिन रात ख़ुदा से ये दुआ माँगी थी
कोई आहट न हो दर पर मिरे जब तू आए
कोई तो फूल खिलाए दुआ के लहजे में
अजब तरह की घुटन है हवा के लहजे में
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दुआ करो कि ये पौदा सदा हरा ही लगे
उदासियों में भी चेहरा खिला खिला ही लगे
सुनते हैं जो बहिश्त की तारीफ़ सब दुरुस्त
लेकिन ख़ुदा करे वो तिरा जल्वा-गाह हो
सलामती की दुआ शायरी
है दुआ याद मगर हर्फ़-ए-दुआ याद नहीं
मेरे नग़्मात को अंदाज़-ए-नवा याद नहीं
बाक़ी ही क्या रहा है तुझे माँगने के बाद
बस इक दुआ में छूट गए हर दुआ से हम

न चारागर की ज़रूरत न कुछ दवा की है
दुआ को हाथ उठाओ कि ग़म की रात कटे
बुलंद हाथों में ज़ंजीर डाल देते हैं
अजीब रस्म चली है दुआ न माँगे कोई
ग़म-ए-दिल अब किसी के बस का नहीं
क्या दवा क्या दुआ करे कोई
गुज़िश्ता साल कोई मस्लहत रही होगी
गुज़िश्ता साल के सुख अब के साल दे मौला
किसी ने चूम के आँखों को ये दुआ दी थी
ज़मीन तेरी ख़ुदा मोतियों से नम कर दे
न जाने कौन सी मंज़िल पे इश्क़ आ पहुँचा
दुआ भी काम न आए कोई दवा न लगे
दुश्मन-ए-जाँ ही सही दोस्त समझता हूँ उसे
बद-दुआ जिस की मुझे बन के दुआ लगती है
हाए कोई दवा करो हाए कोई दुआ करो
हाए जिगर में दर्द है हाए जिगर को क्या करूँ
अभी दिलों की तनाबों में सख़्तियाँ हैं बहुत
अभी हमारी दुआ में असर नहीं आया
ये मोजज़ा भी किसी की दुआ का लगता है
ये शहर अब भी उसी बे-वफ़ा का लगता है
Naseeb Dua Shayari
ये बस्तियाँ हैं कि मक़्तल दुआ किए जाएँ
दुआ के दिन हैं मुसलसल दुआ किए जाएँ
कौन देता है मोहब्बत को परस्तिश का मक़ाम
तुम ये इंसाफ़ से सोचो तो दुआ दो हम को

मिरे लिए न रुक सके तो क्या हुआ
जहाँ कहीं ठहर गए हो ख़ुश रहो
हिज्र की शब नाला-ए-दिल वो सदा देने लगे
सुनने वाले रात कटने की दुआ देने लगे
इक तेरी तमन्ना ने कुछ ऐसा नवाज़ा है
माँगी ही नहीं जाती अब कोई दुआ हम से
देने वाले तुझे देना है तो इतना दे दे
कि मुझे शिकवा-ए-कोताही-ए-दामाँ हो जाए
मौत माँगी थी ख़ुदाई तो नहीं माँगी थी
ले दुआ कर चुके अब तर्क-ए-दुआ करते हैं
उस दुश्मन-ए-वफ़ा को दुआ दे रहा हूँ मैं
मेरा न हो सका वो किसी का तो हो गया
ख़ुदावंदा करम कर फ़ज़्ल कर अहवाल पर मेरे
नज़र कर आप पर मत कर नज़र अफ़आल पर मेरे
Zindagi Dua Shayari
ये इल्तिजा दुआ ये तमन्ना फ़ुज़ूल है
सूखी नदी के पास समुंदर न जाएगा
आते हैं बर्ग-ओ-बार दरख़्तों के जिस्म पर
तुम भी उठाओ हाथ कि मौसम दुआ का है

उस मरज़ को मरज़-ए-इश्क़ कहा करते हैं
न दवा होती है जिस की न दुआ होती है
तकमील-ए-आरज़ू से भी होता है ग़म कभी
ऐसी दुआ न माँग जिसे बद-दुआ कहें
तुम ख़ुश रहो हमारी दुआ है तमाम-उम्र
अपनी तो ख़ैर जैसी भी गुज़री गुज़र गई
भूल ही जाएँ हम को ये तो न हो
लोग मेरे लिए दुआ न करें
ज़मीं को ऐ ख़ुदा वो ज़लज़ला दे
निशाँ तक सरहदों के जो मिटा दे
सहरा का सफ़र था तो शजर क्यूँ नहीं आया
माँगी थीं दुआएँ तो असर क्यूँ नहीं आया
अधूरे लफ़्ज़ थे आवाज़ ग़ैर-वाज़ेह थी
दुआ को फिर भी नहीं देर कुछ असर में लगी
राह का शजर हूँ मैं और इक मुसाफ़िर तू
दे कोई दुआ मुझ को ले कोई दुआ मुझ से
वो सरख़ुशी दे कि ज़िंदगी को शबाब से बहर-याब कर दे
मिरे ख़यालों में रंग भर दे मिरे लहू को शराब कर दे
क्या क्या दुआएँ माँगते हैं सब मगर ‘असर’
अपनी यही दुआ है कोई मुद्दआ न हो
हर एक दुआ में हम तो यही कहते हैं
वो सदा खुश रहें जो दिल में मेरे रहते हैं..!!
ख़ुदा करे सफ़-ए-सरदादगाँ न हो ख़ाली
जो मैं गिरूँ तो कोई दूसरा निकल आए
देख कर तूल-ए-शब-ए-हिज्र दुआ करता हूँ
वस्ल के रोज़ से भी उम्र मिरी कम हो जाए
दुआएँ माँगी हैं साक़ी ने खोल कर ज़ुल्फ़ें
बसान-ए-दस्त-ए-करम अब्र-ए-दजला-बार बरस
ज़बाँ पे शिकवा-ए-बे-मेहरी-ए-ख़ुदा क्यूँ है?
दुआ तो माँगिये ‘आतिश’ कभी दुआ की तरह
मिरा कमाल कि मैं इस फ़ज़ा में ज़िंदा हूँ
दु’आ न मिलते हुए और हवा न होते हुए
शायरी पहले रसूलों की दुआ थी ‘क़ैसर’
आज इस अहद में इक शोबदा-ए-ज़ात हुई
माँगने को तो यहाँ अपने सिवा कुछ भी न था
लब पे आता भी अगर हर्फ़-ए-दुआ क्या करते
उठा के हाथ दुआ माँगने लगे हैं चराग़
तो कर रही है भला कैसी रहनुमाई सबा
तू ने ग़ारत किया घर बैठे घर इक आलम का
ख़ाना आबाद हो तेरा ऐ मिरे ख़ाना-ख़राब
क्यूँ नहीं होते मुनाजातों के मअनी मुन्कशिफ़
रम्ज़ बन जाता है क्यूँ हर्फ़-ए-दुआ हम से सुनो
जिंदगी में न कोई राह आसान चाहिए,
न कोई अपनी खास पहचान चाहिए,
बस एक ही दुआ मांगते हैं रोज भगवान से,
आपके चेहरे पे प्यारी सी मुस्कान चाहिए..!!
जब कोई तकलीफ हो जब कोई बात हो,
दिन की छोड़ो चाहे कितनी भी रात हो,
बस मुझे महसूस करना अपने करीब इतना,
जितना दुआ मांगते समय करीब आपके हाथ हो..!!
ख़ुशी मिली तो कई दर्द मुझसे रूठ गए,
दुआ करो कि मैं फिर से उदास हो जाऊं..!!
मैंने वहां भी तुझे मांगा था,
जहां लोग सिर्फ खुशियां मांगा करते है..!!
चुपके से चाँद की रौशनी छू जाये आपको,
धीरे से हवा कुछ कह जाये आपको,
दिल से जो चाहते हो मांग लो,
खुदा से हम दुआ करते हैं मिल जाये वो आपको..!!
खुश रहने की दुआ शायरी
दुआओं की भीड़ में एक दुआ हमारी,
जिस में माँगि हमने हर ख़ुशी तुम्हारी,
जब भी मुस्कुराये आप दिल से,
समझो दुआ कुबूल हुई हमारी..!!
लौट आती है हर बार दुआ मेरी खाली,
जाने कितनी ऊँचाई पर खुदा रहता है..!!
तेरी मोहब्बत की तलब थी इसलिए हाथ फैला दिए,
वरना हमने तो अपनी ज़िन्दगी की भी दुआ नहीं माँगी..!!
तू मिल जाए मुझे बस इतना ही काफी है,
मेरी हर साँस ने बस ये ही दुआ माँगी है,
जाने क्यूँ दिल खिंचा जाता है तेरी तरफ,
क्या तूने भी मुझे पाने की दुआ माँगी है..!!
किसी को चाहत की सजा मत देना,
किसी को मोहब्बत में दग़ा मत देना,
जिसे तुम्हारे बगैर जीने की आदत न हो,
उसे कभी लम्बी उम्र की दुआ मत देना..!!
हर दम करू याद तुझे दुआओ में,
सदा खुश रहो प्यार की छाओं में,
इज़्ज़त हो तेरी सारी दुनिया की निगाहों में,
कोई गम न मिले तुझे ज़िन्दगी की राहो में..!!
हमने चाहा आपको आपने चाहा किसी और को,
हमारी दुआ है की खुदा न करे तुम्हे चाहने वाला,
कभी चाहे किसी और को..!!
हार को जीत की इक दुआ मिल गई,
तप्त मौसम में ठंडी हवा मिल गई,
आप आये श्रीमान जी यू लगा,
जैसे तकलीफ को कुछ दवा मिल गई..!!
सदा दूर रहो ग़म की परछाइयों से,
सामना न हो कभी तन्हाइयों से,
हर अरमान हर ख्वाब आपका पूरा हो ,
यही दुआ है दिल की गहराइयों से..!!
जब भी तन्हाई में आपकी याद आती है,
तब मेरे होंठों पर बस एक ही फ़रियाद आती है,
खुदा आपको जिंदगी में हर ख़ुशी दे दे,
क्योंकि हमारी ख़ुशी आपके बाद आती है..!!
दुआ का कोई रंग नहीं होता,
मगर यह रंग ले आती है..!!
सख्त राहों में भी आसान सफर लगता है,
यह मेरी मां की दुआओं का असर लगता है..!!
तकदीर लिखने वाले एक एहसान लिख दे,
मेरी मोहब्बत की तकदीर में मुस्कान लिख दे,
ना मिले जिंदगी में कभी भी दर्द उसको,
चाहे उसकी किस्मत में मेरी जान लिख दे..!!
जीने की उसने हमें नई अदा दी है,
खुश रहने की उसने हमें दुआ दी है,
ऐ खुदा उसको खुशियाँ तमाम देना,
जिसने अपने दिल में हमें जगह दी है..!!
दुआ ये नहीं कि ज़िन्दगी सौ साल की हो,
लेकिन जितनी भी हो कमाल की हो..!!
ऐ ख़ुदा मेरे रिश्ते में कुछ ऐसी बात हो,
मैं सोचूँ उसको और वो मेरे साथ हो,
मेरी सारी ख़ुशियाँ मिल जाएं उसको,
एक लम्हें के लिए भी अगर वो उदास हो..!!
किस कदर मुझको सताते हो तुम,
भूल जाने पे भी याद आते हो तुम,
जब भी खुदा से कुछ मांगता हु,
मेरे दिल की दुआ बन जाते हो तुम..!!
तेरे ख़याल को दिल से जुदा न करू,
तेरे बिन तो मैं साँस भी लिया न करू,
तुम जो मिले तो मशवरा दिया दिल ने,
कि अब मैं रब से किसी और की दुआ न करू..!!
हस्ते रहे आप हज़ारों के बीच में,
जैसे हस्ता है फूल बहारों के बीच में,
रोशन रहो आप दुनिया में इस तरह,
जैसे होता है चाँद सितारों के बीच में..!!
दिल से निकली दुआ है हमारी,
ज़िन्दगी में मिले आपको खुशियाँ सारी,
गम न दे खुदा आपको कभी,
चाहे तो एक ख़ुशी कम करदे हमारी..!!
मैं उसकी ज़िंदगी से चला जाऊं यह उसकी दुआ थी,
और उसकी हर दुआ पूरी हो यह मेरी दुआ थी..!!
खुदा न करे तुझे उस गम से गुज़ारना पड़े,
तुझे भी कलम और पंनो का दामन थामना पड़े,
मिले तुझे इतनी खुशियाँ ज़िन्दगी की राहों में,
की तुझे उसे सँभालने के लिए दूसरा जन्म लेना पड़े..!!
दिल से मांगी है दुआ उम्मीद है कबूली जाएगी,
आज मेहनत कर रहा हूँ कल किस्मत भी बदल जाएगी..!!
मोहब्बत की है तुझसे और मोहब्बत ही करते रहेंगे,
जहाँ भी है तू बस सलामत रहे यही दुआ हरदम करते रहेंगे..!!
जब भी कश्ती मेरी सैलाब में आ जाती है,
माँ दुआ करती हुई ख्वाब में आ जाती है..!!
दुआ करो मैं कोई रास्ता निकाल सकूँ,
तुम्हे भी देख सकूँ खुद को भी सम्भाल सकूँ..!!
कामयाबी के हर शिखर पर तुम्हारा नाम होगा,
तुम्हारे हर कदम पर दुनिया का सलाम होगा,
हिम्मत से मुश्किलों का सामना करना दोस्त,
दुआ है कि वक्त एक दिन तुम्हारा गुलाम होगा..!!

