180+ Shak Shayari In Hindi 2025
रिश्तों की सबसे बड़ी दुश्मनी अगर किसी से होती है तो वो है शक। भरोसे पर टिके रिश्ते अक्सर शक के कारण टूट जाते हैं और प्यार की जगह दूरियां बढ़ जाती हैं। Shak Shayari In Hindi इन्हीं नाज़ुक एहसासों को अल्फ़ाज़ों में पिरोकर आपके सामने रखती है। इस लेख में पढ़ें ऐसी शायरियां जो रिश्तों में विश्वास की अहमियत और शक के दर्द को दिल से महसूस कराती हैं। ये शायरियां आपको सोचने पर मजबूर कर देंगी कि भरोसा कितना कीमती है और शक इसे कितनी आसानी से तोड़ देता है।
Shak Shayari In Hindi
उनकी मोहब्बत ने हमें गम दिया है
बेइंतहा शक करके इस दिल को तोड़ दिया है..!!!
मोहब्बत की जड़ो को अगर शक से सींचोगे
तो वो रिश्ता एक दिन जरूर मुरझाएगा !

ज़िंदगी के सफ़र में, ग़मों की बहार है
ग़म की चादर से, धूप की खुशबू उतरा है..!!!
एक बेवफा ने हमें इस कदर धोखा दिया है
बेइंतहा शक करके मेरी जिंदगी
को बर्बाद किया है..!!!
शक का दरिया इतना गहरा था साहेब
की हकीकत ओर मोहब्बत
मेरी उसी में डूब गयी.!!
रिश्ते प्यार, ख्याल,
अपनापन और माफी है
शक को दूर करने के
लिए यह शब्द काफी है..!
एक शक ने हमारी मोहब्बत
को खत्म कर दिया
सालों के प्यारे से रिश्ते
को एक पल में तोड़ दिया.!
शक की बीमारी
जिसे लग जाती है
वह पूरी जिंदगी दुखो
का समंदर रोता है..!
जिन लोगों में बात-बात पर
शक करने की आदत होती है
उनकी जिंदगी में गहरी
समझ की कमी होती है..!
शक नही किया मैंने आज तक
अपनी मोहब्बत पर डरता हूं
कही उसे हमेशा के लिए खो ना दूं..!
मेरी हर बात पर उसकी
शक करने की आदत हो गई
इसी वजह से हमारी
मोहब्बत अधूरी रह गई..!
मोहब्बत मे जख्म हम सारे छुपाते रहे
तमाशा बनने से खुद को बचाते रहे..!
उसने एतबार किया मेरा
मुझ पर हक दिखाकर
और खो दिया वही हक
उसने एक शक दिखाकर..!
जब भरोसा करते है तो
सिर्फ यकीन ही टूटता है
लेकिन जब शक करते है
तो रिश्ता ही टूट जाता है..!
मोहब्बत ऐसी करो
जहां शक की गुंजाइश ना हो
एतबार ऐसा करो जहां
खुशियों की आजमाइश हो..!
जिन रिश्तो को हम अपना समझते थे
वही हमसे दूर होते गए वक्त के
साथ शक के दायरे भी बढ़ते गए..!
Shak Shayari for Girl
वो हमारी मोहब्बत का
हम से सौदा कर रहे है
हमको बिस्तर पर सुला
कर हम पर शक कर रहे है..!
ना कोई हक है ना कोई शक है
ना ही इजहार है फिर भी
तुमसे मोहब्बत बेशुमार है..!
इस कदर रूठे वह
मोहब्बत में हमसे
कि हमे खुद के वजूद
पर ही शक होने लगा..!
मोहब्बत की राहों में चलते-चलते
कभी गिर भी जाऊं मै तो मुझे शक है
कि चोट लगने पर दर्द तुझे भी होगा..!
इश्क तेरा बेशक है
फिर भी तुझपे शक है
क्या करूं मेरी जान
तुझपे बस मेरा हक है..!
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अपनी मोहब्बत पर शक
करने की मेरी आदत हो गई
इसी शक से मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई..!
शक का दीमक कभी
दिमाग मे उगने मत दो
यह रिश्ते और प्यार को
खोखला कर देता है..!
हो सके तो अपने फैसले
पर अमल करना
शक होता है उन पर
जिनके फैसले बदल जाते है..!
देखकर वह मुस्कुराता तो है
पर है मुझसे रूठा इश्क मे
भी शक तो है मगर है टूटा फूटा..!
किसी को जुदाई ने मारा
किसी को जख्म ने मारा है
सब पर करते हो शक
किसे कहोगे यह हमारा है..
खून से लिख दूंगा प्यार का खत
इश्क तुमसे है क्यो कर
रही हो मुझ पर शक..
Shak Sad Shayari
वो कहते है कि उन्हे
अब भी हमसे मोहब्बत है
तो फिर बताते क्यो नही
इसी बात से मुझे शक है..
शक के अंदाज में उन्होंने पूछ
लिया हाल हमारा हमने भी कह दिया
दिल आवारा हो गया था प्यार में हमारा ..!

प्यार में धोखा खाकर
जिंदगी खफा हो गई
हर बेवफा पर मुझे शक
करने की आदत हो गई..!
तुम्हारी एतबारी ने मुझे
अदर से तोड़ दिया है
और तुम कहते हो कि
मै अब मुस्कुराती नही हूं..!
मुझे हर बार बस
यही नागवार गुजरा
वह मेरे दुश्मनो के
घर से बार-बार गुजरा..!
अकेले मे उनसे दिल
की क्या बात हो गई
लोगो के मन मे फिर
शक की शुरुआत हो गई..!
शक ऐ बेवफाई अब
और ना कर सकेंगे
इजाजत दो तो तुम्हारा
यह मोबाइल ही तोड़ देंगे..!
मरहम लगाकर जख्म देने का हक था
अभी मोहब्बत से अनजान हो तुम
इस बात का हमे पहले ही शक था..
शक ने दिल की राहों को बेकरार कर दिया
तेरे हर सवाल ने मुझे गुनहगार कर दिया।
तेरे शक की आग में जलता रहा मैं हर रात
तूने तो खेल समझा, मेरी जिंदगी की बात।
शक की दीवारों ने घेर लिया है हमें
ना तू समझा, ना मैंने समझाया है तुम्हें।
Bharosa Pyar me Shak Shayari
शक ने तोड़ दिया हर वो ख्वाब
जो तेरे प्यार में देखा था मैंने ख्वाब।
शक ने घेरा है जब से, दिल ने सुकून को खो दिया।
तेरी एक नजर का फेरा, मेरी हस्ती ने रो दिया।
तेरे शक की आग में, मेरे प्यार का दिया जला।
तूने जो ना समझा मुझे, मैंने वो दर्द छुपा रखा।

शक की नजरों ने, दिल के रिश्ते को तोड़ दिया।
जो था कभी अपना, उसने ही मुझे छोड़ दिया।
शक का कीड़ा जब दिल में घर कर जाता है,
फिर विश्वास का पंछी भी मर जाता है।
शक ने दिल की दीवारों को ऐसे तोड़ा है,
हर खुशी को मेरी आँखों ने छोड़ा है।
तेरे शक की बारिश में, मेरा विश्वास भीग गया,
जो था साफ दिल से, वो भी दागदार हो गया।
शक की राहों पर चलकर, देखो ना दूर तक कोई नहीं,
विश्वास के दीप जलाओ, फिर देखो हर राह रोशनी से भरी।
शक का व्यापार करने वाले, अक्सर खुद से हार जाते हैं,
जो दिल से खेलते हैं, वो जीवन के मेले में अकेले रह जाते हैं।
शक की आंधी में उड़ गया, विश्वास का घरौंदा,
तेरी एक गलतफहमी ने, सब कुछ उजाड़ दिया।
शक की दहलीज पर ना रुको, विश्वास की ओर बढ़ो,
जहाँ दिलों का मिलन हो, वहीं अपना घर बनाओ।
मोहब्बत में ऐसा क्यों होता है,
बेवफाई में वो रोते हैं और वफ़ा में हम रोए हैं।
शक मत करो मेरी मोहब्बत पर
तुम्हारी प्यारी जुबां सुनने पर अड़ी है
एक बार नजरें तो मिलाकर देखो
मेरी आंखें तुम्हारी आंखो पर गड़ी है
दुनिया वालों का भी अजीब दस्तूर है बेवफाई मेहबूब से मिलती है ,
और बेवफा मोहब्बत बन जाती है।
यूँ तो हर शाम उमीदों में गुज़र जाती है
आज कुछ बात है जो शाम पे रोना आया
दिवारे सुन लेती है चीखे मेरी,
बस कुछ अपने बहरे बने बैठे हैं..!!!

