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Haryanvi Shayari Haryanavi 2020

Haryanvi Shayari Haryanavi 2020

एक बै एक गाभरू मंदिर मै 1 रपईया चढ़ा कै बोल्या…

“हे भोले, मन्नै 1 ट्रेक्टर दुवा दे।”

पुजारी कै छो उठ गया, बोल्या…

“भाई 1 रपईया और चढ़ा दे, ना तो ट्राली ख़ातर फेर आवैगा।”

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14 अप्रैल तक परीक्षा की घड़ी है, आपकी घरवाली आपको उकसाएगी, तरह तरह के आव्हान करेगी, वाद विवाद प्रतियोगता के लिए।

परंतु हे आर्यपुत्र तुम विचलित ना होना, एक बौद्ध भिक्षुओं की तरह दैवीय मुस्कान बनाए रखना , निश्चित ही जीत आपकी होगी।

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एक बे ताऊ सुरजा इंग्लैंड गया ते उड़े उसका अंग्रेज दोस्त बोल्या -हमारे यहाँ समय की बहुत पाबन्दी है, ताऊ ने पुच्छी वा किस तरिया ,बता तो सही.. अंग्रेज बोल्या -देख मै तो कमेंटरी बोलूँगा और इतनी देर में मेरा नोकर दही ले कर वापिस भी आ जाएगा.. अंग्रेज ने अपणे नोकर ते कहि -जुली जाओ ,दही लेकर आओ.. नोकर चाल पड्या तो अंग्रेज बोल्या -जुली अब सड़क पर जा रहा है ,वह दुकान के अंदर गया ,और उसने दही ले लिया है.. अब वह वापिस सड़क पर आ रहा है और अब वह आ गया है , इतने में नौकर ने कहि -लो साहब दही.. ताऊ बोल्या इस तरिया की पाबन्दी तो माहरे देश में भतेरी स..
कुछ दिन बाद वो उसका अंग्रेज दोस्त आया ते ताऊ ने झट आपणे नौकर नथू ते आवाज लगाई अर बोल्या -जा रे नथू ,जाके थोडा दही लिया ,फेर के था ,नथू के जाते ही ताऊ ने भी शुरु कर दी कमेंटरी -नथू चाल पड्या है ,पोडिया ते उतर लिया है ,अर इब वो कांध के तले तले की कीकर नीचे ते दुकान में बड लिया स ,उसने दही तुलवा लिया स अर उसी राह वापस आ लिया स ,अर एब वो दही ठाए कमरे में बड लिया स ,इतने में भीतर बड के नथू बोल्या —

“रे ताऊ दही ल्यानी कितनी स ??”

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एक बै सुण्डू नै 500 रुपय्ये की जरूरत पड़-गी , उसने सोची अक लाला जी पै ले ल्यूं ,,,
सुण्डू नै फोन खटकाया, लाला जी के फोन उठाते ही सुण्डू बोल्या :- लाला जी, मैं सुण्डू बोलूं सूं ,,,
लाला जी :- हां सुण्डू, बोल के बात सै ? ,
सुण्डू :- लाला जी, 500 रुपय्ये की जरूरत थी । ,,,
ईब लाला जी नै सोची अक झिकोई रुपय्ये ले ज्यागा । ,,
लाला जी सोच कै बोल्या :- “सुण्डू, मन्नैं इस कान तैं सुणै कोन्या, रिसीवर दूसरे कान पै लाऊं सूं, फेर
बोलिये ।” ,,,
लाला जी नै रिसीवर दूसरे कान पै लगाया अर बोल्या :- हां सुण्डू, ईब बोल के कह था ? ,,,
ईब सुण्डू नै सोची अक सुण्या कोनी, क्यूं ना 1000 रुपय्ये मांग ल्यूं ! ,,
सोच कै बोल्या :-“लाला जी, 1000 रुपय्ये की जरूरत सै” । ,,,
लाला जी नै सोची अक झिकोई ईब घणे मांगण लाग्या । ,,,
लाला जी बोल्या :- “ऐं, सुण्डू भाई, न्यूं कर – पहले आळे कान पै आ ज्या ,,, !!! Haryanvi Shayari Haryanavi 2020

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